संसद में जलवायु परिवर्तन की बहुत कम होती है चर्चा
भारत भले ही जलवायु परिवर्तन से सबसे संकटग्रस्त देशों में हो लेकिन यहां की संसद
भारत भले ही जलवायु परिवर्तन से सबसे संकटग्रस्त देशों में हो लेकिन यहां की संसद
भारत के उत्तरी और पूर्वी हिस्से में ज़बरदस्त मॉनसूनी बारिश और भूस्खलन के कारण करीब
रूस-यूक्रेन संकट के बाद यूरोप अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में उपलब्ध ज़्यादा से ज़्यादा गैस आयात कर
भारत ने पेरिस संधि के तहत ग्लोबल वॉर्मिंग से निपटने के लिये अपने किये गये
ओला इलैक्ट्रिक 15 अगस्त को अपने नये प्रोडक्ट का ऐलान करेगी। ऐसा अनुमान है कि
कोयला पावर प्लांट, प्रदूषित करने वाले उद्योग और ईंट भट्टे भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में
केंद्र सरकार ने बिजली क्षेत्र के एक विवादित बिल – इलैक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 –
देश के कई राज्यों में अनियमित बारिश के कारण धान की फसल पर असर पड़ा
कैबिनेट ने पेरिस समझौते के तहत भारत के नये एनडीसी (जलवायु परिवर्तन से लड़ने के
एक ओर क्लाइमेट साइंटिस्ट कह रहे हैं कि वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने के