भारत की कम कार्बन उत्सर्जन रणनीति के मुख्य बिन्दु क्या हैं?
मिस्र में चल रहे जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भारत ने दीर्घकाल के लिये कम कार्बन
मिस्र में चल रहे जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भारत ने दीर्घकाल के लिये कम कार्बन
मालदीव, मॉरीशस, फिजी, बारबाडोस सहित 39 छोटे द्वीप देशों से बने लघु द्वीपीय देशों के
रिपोर्ट ने कई सिफारिशों के ज़रिए शहरों, क्षेत्रों, कंपनियों और फाइनेंसरों को बताया है कि
आज भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था से जुड़ी है बिजली की मांग। भारत को
भले ही सम्मेलन में लॉस एंड डैमेज को फाइनेंस एजेंडा में शामिल कर लिया गया
हर साल के अंत में होने वाला जलवायु परिवर्तन महासम्मेलन (कॉप-27) – जिसमें दुनिया भर
यूएनएफसीसीसी की एनडीसी सिंथेसिस रिपोर्ट कहती है कि उत्सर्जन में ज्यादातर कमी 2030-2050 के बीच
बढ़ते जलवायु संकट के बावजूद जी20 देश लगातार जीवाश्म ईंधन पर जनता का पैसा खर्च
2020 में ऋषि सुनक के वित्तमंत्री रहते ब्रिटेन ने अपने हिस्से की आधी राशि भी
दिवाली से पहले राष्ट्रीय राजधानी और आस-पास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया