छोड़ी गई खदानों पर बसे हैं लोग, कभी भी हो सकता है हादसा
छोड़ी गई खदानों के आसपास समुदायों के पुनर्वास के लिए सरकार योजना बना रही है,
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भारत में जैसा कचरा इन संयंत्रों में जाता है वह सही नहीं होता। गीले कचरे
सारे ज़िले पानी में डूबे, 30 लाख प्रभावित भाभेन सहारिया, दिल्ली से करीब 2000 किलोमीटर
जहाँ एक तरफ पाकिस्तान , भारत , नेपाल , बांग्लादेश सरीखे दक्षिण एशियाई निवासी कभी
पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हाल में जारी पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (ईपीआई) 2022
हिमाचल के बद्दी औद्योगिक क्षेत्र (ज़िला सोलन) में उद्योगों द्वारा तीन नदियों – बलाद, सिरसा
सीताराम उरांव झारखंड राज्य के गुमला ज़िले के घाघर ब्लॉक के एक गांव में एक
उत्तराखंड के तिलाड़ी विद्रोह के 92 साल बाद आज भी लोग वनाधिकारों के लिये लड़
यह पहला मौका है, जब हिमाचल प्रदेश में मॉनसून पूर्व बारिश न होने और भीषण
दुनिया के वैज्ञानिक और शोधकर्ता कह रहे हैं कि हीटवेव सबसे घातक आपदाओं का रूप