कॉप28: जीवाश्म ईंधन खत्म करने का प्रस्ताव, लेकिन नीयत पर संदेह
लंबी खींचतान के बाद आखिरकार दुबई वार्ता में एक नये क्लाइमेट प्रस्ताव पर सहमति हो
लंबी खींचतान के बाद आखिरकार दुबई वार्ता में एक नये क्लाइमेट प्रस्ताव पर सहमति हो
लंबी खींचतान के बाद आखिरकार दुबई वार्ता में एक नए क्लाइमेट प्रस्ताव पर सहमति हो
दुबई में जारी क्लाइमेट कांफ्रेंस में (कॉप28) में इस साल तेल, गैस और कोयले का
दुबई में चल रहे कॉप28 सम्मलेन में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन हुआ,
संयुक्त राष्ट्र क्लाइमेट वार्ता के दौरान भारत ‘क्लाइमेट जस्टिस’ और ‘इक्विटी’ के सिद्धांतों पर जोर
दुबई में 28वीं क्लाइमेट वार्ता की शुरुआत विवादों के साथ हुई है। पहले बीबीसी ने
कोयला मंत्रालय ने कहा है कि थर्मल पावर संयंत्रों में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए
धरती की तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए 2030 तक
एशिया और अफ्रीका के प्रवासी मज़दूर नवंबर दिसंबर में दुबई में होने वाले 28 वें
तेज़ी से हो रही तापमान वृद्धि और बढ़ते जलवायु परिवर्तन प्रभावों के बावजूद क्लाइमेट एक्शन